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02-Dec-2021

देवगिरी - एक आश्रम देशप्रेम की प्रयोगशाला

भारत के ओडिशा राजर्षि क्षेत्र के रायगडा ऋषि क्षेत्र में पावन देवगिरी आश्रम है जहां स्थित है देवगिरी पहाड़ी जो, 120.2 मीटर (394 फीट) की ऊंचाई तक बढ़ती है और रायगढ़ से 50 किमी (31 मील) दूर है।  अन्य पहाड़ियों के विपरीत, पहाड़ी की चोटी एक आयताकार मंच है।  476 सीढ़ियाँ जिनसे कोई भी शीर्ष पर पहुँच सकता है, पहाड़ी की एक और अनूठी विशेषता है।  पहाड़ी की चोटी पर, गंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, गोदावरी, कावेरी, नर्मदा झील नामक पानी के बारहमासी ध्रुव हैं। प्राचीन शिलालेख से पता चलता है कि, पहाड़ी के गुफा में स्थित शिवलिंग, जो साक्षात भगवान अनंत बलराम जी के द्वारा स्थापित हे। महाभारत युद्ध में शामिल न होने के कारण जब बलराम जी द्वारिका लौट रहे थे तो इस पहाड़ी के गुफा में वो रुके और भगवान शिव जी के पूजा के लिए उन्हों ने शिवलिंग की स्थापना की। पंचमुखी शिवलिंग के साथ साथ मातृभूमि के प्रति निष्ठा यहां के विशेषता है कि। अतिव मनोरम यह पावन भूमि जहां कुछ क्षण का सान्निध्य हर जनमानस को अपने सनातन संस्कृति का सम्मान करना सीखा देता है। पहाड़ी के आरंभ देवगिरी आश्रम से ही होता है, जहाँ परम पूज्य स्वामी क्रांति स्वरुपानन्द गिरी जी महाराज अपने दिव्य ज्ञान से अनेक लोगों के मन के अंधकार को दूर कर रहें हैं। उनके महत्वपूर्ण प्रयासों से एक महाविद्यालय भी स्थापित है जहां निरंतर अनेक छात्र छात्राओं को विद्या दान किया जा रहा है, जिनके पास किसी दूर जाकर पढ़ने का सामर्थ्य नहीं। एक सुंदर वाटिका भी उन्होंने तैयार किए हैं, जो हमारे देश के जवानों को समर्पित है, जो देश की सुरक्षा के लिए हमेशा अपना सर्वस्व बलिदान देने के लिए तैयार हैं।इस पावन क्षेत्र में, परम पूज्य स्वामी जी हर तरह का प्रयास जारी रखें हुए हैं , कि हमारे संस्कृति हमेशा के लिए सुरक्षित रहे। 

जीवन का सारे साधनाओं को सफल करने हेतु, एक बार जरूर एसे पावन धाम का दर्शन कर लेना चाहिए, जो जीवन जीने का सूत्र को देश प्रेम की भावना से जोड़ देता है।